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Senior Citizens को इनकम टैक्स में मिलती हैं ये छूट, ITR भरने से पहले जान लें पूरी जानकारी

भारत में वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को इनकम टैक्स के नियमों में कई तरह की राहत दी जाती है, ताकि उनकी आय पर कर का बोझ कम हो सके। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरना अधिकतर लोगों के लिए चुनौती भरा लगता है, लेकिन बुजुर्गों के लिए यह और भी कठिन हो सकता है। ऐसे में सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों और अति वरिष्ठ नागरिकों को कुछ विशेष छूट, छूट की सीमा और आसान नियमों की सुविधा दी है, जिससे उन्हें रिटर्न दाखिल करने में आसानी हो।

किन्हें कहा जाता है सीनियर और सुपर सीनियर सिटिजन?

  • वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizens): जिनकी उम्र 60 से 80 वर्ष के बीच है
  • अति वरिष्ठ नागरिक (Super Senior Citizens): जिनकी उम्र 80 वर्ष से अधिक है

75 वर्ष या अधिक उम्र वालों को मिलती है ITR भरने में राहत

यदि किसी व्यक्ति की उम्र 75 वर्ष या उससे अधिक है और उसकी आय केवल पेंशन और ब्याज (interest) से हो रही है, तो उसे इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की जरूरत नहीं है। इसकी जगह वह बैंक में जाकर Form 12BBA भर सकता है — वही बैंक जिसमें उसकी पेंशन आती है। यह नियम ऐसे बुजुर्गों के लिए है जिनकी आय स्रोत बहुत सीमित हैं।

पुरानी टैक्स व्यवस्था में Senior Citizens को क्या छूट मिलती है?

1. बेसिक टैक्स छूट सीमा (Old Regime):

  • 60 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए छूट सीमा: ₹3 लाख
  • 80 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए छूट सीमा: ₹5 लाख
  • अगर किसी वरिष्ठ नागरिक की सालाना आय इस सीमा तक है, तो उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होता।

2. टैक्स छूट (Rebate) का फायदा:
अगर किसी वरिष्ठ नागरिक की सालाना आय ₹5 लाख तक है, तो वह Section 87A के तहत टैक्स छूट का लाभ लेकर अपना टैक्स ज़ीरो कर सकता है।

3. स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction):

  • पुराने टैक्स सिस्टम में पेंशन प्राप्त करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को ₹75,000 तक का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है, जबकि अन्य लोगों को ₹50,000 मिलता है।

4. Section 80C में निवेश की छूट:

  • Senior Citizens Savings Scheme (SCSS) में निवेश करने पर टैक्स छूट मिलती है।
  • नौकरी से रिटायर हुए व्यक्ति 55 वर्ष की उम्र में इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं, जबकि डिफेंस कर्मचारियों को 50 वर्ष की उम्र में निवेश की अनुमति होती है।

नई टैक्स व्यवस्था में क्या फायदे हैं?

1. सभी के लिए ₹3 लाख तक की छूट:
नई व्यवस्था में 2024-25 के लिए सभी टैक्सपेयर्स के लिए बेसिक छूट सीमा ₹3 लाख रखी गई है।

2. ₹7 लाख तक आय वालों को पूरी छूट:
यदि किसी व्यक्ति की कुल सालाना आय ₹7 लाख तक है, तो उसे Section 87A के तहत ₹25,000 की छूट मिलती है, जिससे उसका टैक्स पूरी तरह माफ हो जाता है।

स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर भी छूट (Section 80D):

वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) पर सामान्य करदाताओं से अधिक छूट मिलती है।

  • Section 80D के तहत उन्हें ₹50,000 तक की छूट मिलती है।
  • इसके तहत अगर कोई वरिष्ठ नागरिक अपनी या अपने जीवनसाथी की हेल्थ पॉलिसी के लिए प्रीमियम भरता है, तो उसे इसका लाभ टैक्स में मिलेगा।

ब्याज आय पर भी टैक्स छूट:

  • वरिष्ठ नागरिकों को बचत खाते और फिक्स्ड डिपॉजिट से प्राप्त ब्याज आय पर ₹50,000 तक की छूट मिलती है।
  • यानी यदि उनकी ब्याज आय ₹50,000 तक है, तो उस पर उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होगा।
  • इससे अधिक ब्याज आय टैक्स के दायरे में आएगी।

निष्कर्ष:
भारत में वरिष्ठ नागरिकों और अति वरिष्ठ नागरिकों को टैक्स के नियमों में विशेष छूट और सुविधाएं दी जाती हैं ताकि उनकी वित्तीय स्थिति पर बोझ न बढ़े। 75 वर्ष या अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए ITR न भरने की छूट, ब्याज आय और स्वास्थ्य बीमा पर अतिरिक्त डिडक्शन, और SCSS जैसी स्कीम में निवेश पर टैक्स लाभ — ये सभी सुविधाएं वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद लाभकारी हैं। ITR फाइल करने से पहले इन सभी छूटों की जानकारी जरूर लें, ताकि आप टैक्स में अधिकतम राहत पा सकें।

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