अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने वनडे क्रिकेट को लेकर कुछ बड़े बदलावों की घोषणा की है, जो 1 जुलाई 2025 से लागू होंगे। इन बदलावों का उद्देश्य खेल को अधिक संतुलित, रोमांचक और तेज़ बनाना है। खासकर गेंद के उपयोग को लेकर किया गया बदलाव काफी अहम माना जा रहा है, जिससे खेल की दिशा और रणनीति पर गहरा असर पड़ेगा।
अब वनडे मैच में सिर्फ एक गेंद का इस्तेमाल
अब तक वनडे मैचों में खेल की शुरुआत दोनों सिरों (एंड्स) से दो नई गेंदों से की जाती थी, जिससे गेंद पुरानी नहीं हो पाती थी और गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग या पुरानी गेंद का लाभ कम ही मिलता था। लेकिन नए नियमों के तहत अब पूरा मैच सिर्फ एक ही गेंद से खेला जाएगा। यानी अब 50 ओवर की पूरी इनिंग्स में वही गेंद इस्तेमाल की जाएगी, जो मैच की पहली गेंद पर उपयोग में लाई गई थी।
कैसे होगा असर?
इससे गेंदबाजों को 35वें ओवर के बाद गेंद के पुराने होने से रिवर्स स्विंग का फायदा मिलेगा। वहीं स्पिनर्स को भी अधिक टर्न और ग्रिप का मौका मिलेगा, जिससे गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच संतुलन बेहतर बनेगा।
सिर में चोट को लेकर नए नियम
सिर्फ गेंद से जुड़ी व्यवस्था ही नहीं बदली गई है, बल्कि सिर में चोट (कन्कशन) की स्थिति को लेकर भी बदलाव किया गया है। अब प्रत्येक टीम को मैच से पहले 5 संभावित कन्कशन सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों की सूची रेफरी को देनी होगी। इसमें एक विकेटकीपर, एक बल्लेबाज, एक तेज गेंदबाज, एक स्पिनर और एक ऑलराउंडर शामिल होना अनिवार्य होगा।
अगर किसी खिलाड़ी को मैच के दौरान सिर में चोट लगती है और वह असमर्थ हो जाता है, तो उसकी जगह सूची में दर्ज खिलाड़ी को ही लिया जाएगा। यह बदलाव खिलाड़ियों की सुरक्षा और मैच की निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
ये नियम ICC के सभी वनडे मैचों में लागू होंगे
यह नया नियम सिर्फ द्विपक्षीय सीरीज़ ही नहीं, बल्कि सभी अंतरराष्ट्रीय वनडे मुकाबलों और आईसीसी आयोजनों पर लागू होगा। इसमें एशिया कप, चैंपियंस ट्रॉफी, और वनडे वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट शामिल हैं।